मुंबई (कौमी फरमान ब्यूरो) देश की प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने नासिक के टीसीएस मामले में मीडिया के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया को जिम्मेदारी से अपना काम करना चाहिए उसे तथ्यों को सही तरीके से जनता के सामने रखना चाहिए.
मुंबई प्रेस क्लब में एक कांफ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए तीस्ता सीतलवाड़ ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए कई सवालों के जवाब दिए. उन्होंने नासिक टीसीएस मामले में कई तथ्यों को सामने रखा और मौजूदा दौर में मीडिया के काम करने के तरीके पर भी अपने विचार रखते हुए तीस्ता सीतलवाड़ ने मीडिया के प्रति नाराजगी जताई और कहा कि आज मीडिया जिस तरीके से काम करता है उसको देखकर सिर्फ अफसोस ही किया जा सकता है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक इकाई में हुई हालिया घटना की वास्तविक स्थिति और जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए एपीसीआर सदस्यों वाली एक तथ्य-जांच टीम ने 4 अप्रैल, 2026 को नासिक का दौरा किया। यौन उत्पीड़न और कथित धार्मिक दबाव के आरोपों के कारण इस मामले ने जनता का काफी ध्यान आकर्षित किया है, जिसके परिणामस्वरूप कई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई हैं।
इस टीम में शाकिर शेख (मुंबई), एडवोकेट शोएब इनामदार (अकोला), एडवोकेट इमरान खान (मुंबई), एडवोकेट वसीम शेख (नासिक) और जमील अहमद (नासिक) शामिल थे। यह दौरा तथ्यों का स्वतंत्र रूप से दस्तावेजीकरण करने, आरोपों की प्रकृति का आकलन करने, जांच की प्रगति को समझने और जमीनी हकीकत और सार्वजनिक धारणा के बीच किसी भी अंतर की जांच करने के लिए किया गया था।

