बढ़ते कदम –शरीअत पर अमल ही पर्सनल लॉ की हिफाज़त का सबसे बड़ा तरीका

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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से दारुल उलूम नदवतुल उलेमा, लखनऊ में दो दिवसीय “तफ़हीम-ए-शरीअत” वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश भर से उलेमा, वकील, बुद्धिजीवी और छात्र शामिल हुए।

वर्कशॉप में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि पर्सनल लॉ को बचाने के लिए ज़रूरी है कि मुसलमान अपनी ज़िंदगी में शरीअत पर अमल करें। उन्होंने कहा कि आज मीडिया और सोशल मीडिया के ज़रिए इस्लाम और शरीअत के बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं, खासकर नौजवानों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। ऐसे में उलेमा की जिम्मेदारी है कि वे अच्छे तरीके और समझदारी के साथ लोगों की गलतफहमियां दूर करें।

कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। शुरुआती तकरीर में मौलाना सैयद बिलाल अब्दुल हई हसनी नदवी ने कहा कि आज इस्लाम के बारे में बहुत सी गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। इसलिए ऐसे प्रोग्राम समय की बड़ी ज़रूरत हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए रहमत और भलाई का पैगाम है।

मौलाना अतीक अहमद बस्तवी ने कहा कि शरीअत के सभी कानून इंसाफ, रहमत और इंसानी भलाई पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को इस्लाम की सही तस्वीर लोगों के सामने पेश करनी चाहिए।

वर्कशॉप में तलाक, नफ़्का, बहुविवाह, विरासत और मुस्लिम पर्सनल लॉ जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि इस्लाम का पारिवारिक सिस्टम संतुलित और इंसानियत के लिए फायदेमंद है।

कानूनी सत्र में मौलाना तबरेज़ आलम कासमी ने कहा कि अदालतों के कुछ फैसलों की वजह से मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर गलतफहमियां पैदा हुई हैं। उन्होंने उलेमा और वकीलों के बीच बेहतर तालमेल की ज़रूरत बताई।

प्रोफेसर नसीम अहमद जाफरी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बात करते हुए कहा कि यह कानून मुसलमानों के पारिवारिक और धार्मिक मामलों को प्रभावित कर सकता है।

समापन सत्र में मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा के साथ अधिकार दिए हैं। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं और लड़कियों के बीच शरीअत की सही है समझ पहुंचाने पर ज़ोर दिया।

अंत में मौलाना हकीम अम्मार अब्दुल अली हसनी नदवी ने कहा कि आज के दौर में तफ़हीम-ए-शरीअत सिर्फ एक इल्मी काम नहीं बल्कि पूरी उम्मत की जिम्मेदारी है।

दुआ के साथ यह दो दिवसीय वर्कशॉप सफलतापूर्वक समाप्त हुई।

क़ौमी फरमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

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