(फजलुर्रहमान)
बांगरमऊ, उन्नाव। बांगरमऊ कस्बे की मशहूर और ऐतिहासिक दरगाह खानकाहे यासीनिया में मखदूम सैयद शाह यासीन कादरी (रह० अलै०) व सैयद मोहम्मद तकी कादरी (रह० अलै०) का सालाना उर्स मुबारक अकीदत, एहतराम और बेहद सादगी के साथ मनाया गया। बकरीद की ७ तारीख को आयोजित इस मुकद्दस कार्यक्रम में भारी संख्या में जायरीन और मुरीदों ने शिरकत की।
सालाना उर्स के तमाम कार्यक्रम दरगाह के सज्जादा नशीं सय्यद अतहर शाह कादरी की ज़ेरे सदारत (अध्यक्षता) में और हजरत सैयद गयासुद्दीन गौसी मियां की ज़ेरे निगरानी (देखरेख) में पूरी गरिमा और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराए गए। इस दौरान दरगाह शरीफ को बेहद खूबसूरती से सजाया गया था। उर्स के मुख्य पड़ाव यानी फातिहा खास के मौके पर मुल्क (देश) की तरक्की, खुशहाली, आपसी भाईचारे और अमन-चैन के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। वहां मौजूद सभी अकीदतमंदों ने देश में एकता और सौहार्द का माहौल बनाए रखने का संकल्प लिया। इस रूहानी महफिल में मुख्य रूप से सैयद अज्जू मियां साहब, मौलाना मुबीन, मौलाना जीशान, मौलाना जियाउल हक सहित बड़ी तादाद में मुरीद व हकीदत मंद मौजूद रहे। इनके साथ ही नगर व दूर-दराज से आए भारी तादाद में मुरीद और अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर हाजिरी दी, गुलपोशी की और चादर पेश कर मन्नतें मांगीं। दरगाह कमेटी की ओर से आए हुए मेहमानों और जायरीनों के लिए मुकम्मल इंतजाम किए गए थे।

