राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 के संसद से पारित होने के बाद AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसका खुलकर विरोध किया. उन्होंने कहा, “मैं एक मुस्लिम हूं और अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं करता. अगर मैं किसी और की इबादत करूंगा तो अपने मजहब के खिलाफ हो जाऊंगा.” ओवैसी ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने की कोशिश संविधान में मिले धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन है.ओवैसी ने कहा कि जब ‘जन गण मन’ गाया जाता है, तो उसमें देश और उसके लोगों का सम्मान दिखाई देता है, जबकि ‘वंदे मातरम’ में देवी-देवताओं की आराधना का भाव शामिल है. उन्होंने कहा कि दोनों की प्रकृति अलग है और इन्हें एक समान नहीं माना जा सकता.AIMIM सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस विधेयक के जरिए संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध कोई कार्य करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता.
असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा — वह एक मुस्लिम हैं और अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं कर सकते
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