नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाकों , तराई-मधेश में हाल के दिनों में हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। जुलाई 2026 के आखिरी हफ़्ते में सुनसरी जिले से शुरू हुई हिंसा कई जिलों तक फैल गई, जिसमें मस्जिदों, मुस्लिम दुकानों और घरों पर हमले हुए। तीन लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घायल हुए हैं। कई जगहों पर कर्फ़्यू लगा दिया गया है।
26 जुलाई 2026 की रात सुनसरी जिले के देवानगंज, कप्तानगंज इलाका में बोलबम, कांवड़ जैसी यात्रा के दौरान विवाद हुआ। हिंदू श्रद्धालु तेज़ संगीत और धार्मिक झंडों के साथ जा रहे थे। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने आवाज़ और झंडों पर आपत्ति जताई। बात बढ़ते-बढ़ते पथराव और झड़प में बदल गई। पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। बाद में सिराहा में एक और युवक की मौत हो गई।
सिराहा, धनुषा, सर्लाही, सप्तरी जैसे जिलों में हिंसा जल्दी फैल गई । मुस्लिम दुकानों में आग लगाई गई, कुछ मस्जिदों पर हमले हुए, मुस्लिम लोगों को पीटा गया और “जय श्री राम” के नारे लगवाए गए। एक आइसक्रीम विक्रेता ने बताया कि भीड़ ने उसे मारा, नारे लगवाए और सामान लूट लिया।
वीडियो में मुस्लिम दुकानों में आग, मस्जिद में तोड़फोड़ और भीड़ के हमले दिख रहे हैं।
2025-2026 में तराई में सांप्रदायिक घटनाएँ बढ़ी हैं। जनवरी 2026 में धनुषा में टिकटॉक वीडियो को लेकर मस्जिद पर हमला और कुरान जलाने की घटना हुई। फरवरी में रौतहट में शादी के जुलूस पर विवाद के बाद मस्जिदों में आग लगाई गई। दुर्गा विसर्जन और गणेश जुलूस के दौरान भी झड़पें दर्ज हुईं।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले कुछ सालों में सांप्रदायिक झड़पों की संख्या बढ़ी है। मुस्लिम लीडर्स का कहना है कि नफ़रत भरे भाषण, सोशल मीडिया पर गलत खबरें और हिंदू कट्टरपंथी संगठनों की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। मुस्लिम समुदाय ,बनेपाल की आबादी का करीब 5 प्रतिशत, तराई में ज़्यादा है , डर और असुरक्षा महसूस कर रहा है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कई दिनों बाद राष्ट्र को संबोधित कर अमन की अपील की। पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स तैनात की गई, कर्फ़्यू बढ़ाया गया। होम मिनिस्टर ने मृतक परिवारों से मुलाकात की और मुआवज़े की बात कही। राजनीतिक दलों और अंतर-धार्मिक परिषद ने भी शांति की अपील की।
कुछ आलोचक कहते हैं कि सरकार की शुरुआती प्रतिक्रिया धीमी रही और सुरक्षा बल स्थिति को समय पर कंट्रोल नहीं कर पाए।
नेपाल हिंदू बहुसंख्यक देश है। तराई में हिंदू और मुस्लिम समुदाय लंबे समय से साथ रहते आए हैं। भारत सीमा से सटे इलाकों में सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते गहरे हैं। लेकिन हाल के वर्षों में धार्मिक असहिष्णुता, सोशल मीडिया पर अफ़वाहें और कट्टरपंथी तत्व तनाव बढ़ा रहे हैं।
मुस्लिम लीडर्स और नागरिक समाज संगठन सरकार से नफ़रत फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, सुरक्षा सुनिश्चित करने और अमन बहाल रखने की माँग कर रहे हैं।
मौजूदा स्थिति में कई जगहों पर कर्फ़्यू जारी है, सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं। नई बड़ी हिंसा की खबर नहीं है, लेकिन तनाव बना हुआ है।
–क़ौमी फ़रमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

