(रईस खान)
सऊदी अरब की रूहानी सरज़मीन मदीना मुनव्वरा से एक ग़मगीन ख़बर सामने आई है। मस्जिद-ए-नबवी ﷺ के मशहूर मुअज़्ज़िन शेख़ फ़ैसल नौमान का इंतकाल हो गया। वे तक़रीबन 25 साल तक मस्जिद-ए-नबवी ﷺ में अज़ान की ख़िदमत अंजाम देते रहे। शेख़ फ़ैसल नौमान को साल 2001 में मस्जिद-ए-नबवी ﷺ का मुअज़्ज़िन मुक़र्रर किया गया था।
इंतकाल के बाद उन्हें फ़ज्र की नमाज़ के बाद जन्नतुल बक़ी में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया, जहां सहाबा-ए-किराम और अहले-बैत से मंसूब ऐतिहासिक क़ब्रिस्तान मौजूद है।
शेख़ फ़ैसल नौमान का ताल्लुक़ एक ऐसे ख़ानदान से था, जिसमें नस्लों से मुअज़्ज़िन की ख़िदमत जारी रही।उनके दादा और वालिद भी मस्जिद-ए-नबवी ﷺ में मुअज़्ज़िन रहे, जबकि उनके वालिद ने महज़ 14 साल की उम्र में इस अज़ीम ख़िदमत की शुरुआत की थी।
शेख़ फ़ैसल ने अपनी आख़िरी अज़ान 2 नवंबर को दी, जिसे सुनकर दुनिया भर के मुसलमान अश्क-बार हो गए। उनकी ज़िंदगी इबादत, इस्तिक़ामत और रूहानी ख़िदमत की मिसाल रही।
आलम-ए-इस्लाम में उनके इंतकाल पर गहरे रंज-ओ-ग़म का इज़हार किया जा रहा है।
दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम को जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए। आमीन।

