(रईस खान)
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में गल्फ के देशों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, जिससे अब तक भारी नुकसान पहुंचा है और इलाके की अमन-चैन वाली इमेज को झटका लगा है। मीडिया के जरिए जो जानकारी आ रही है उसके मुताबिक पेश है एक जायज़ा।
फरवरी 28 से शुरू हुए इन रिटेलिएटरी अटैक्स में यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे मुल्कों को निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी मिलिट्री बेसेज हैं लेकिन सिविलियन एरियाज भी नहीं बचे। यूएई में सबसे ज्यादा मार पड़ी, जहां दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में एयरपोर्ट्स, लग्जरी होटल्स और रिहायशी इलाकों पर गिरते मलबे से आग लगी और लोग घायल हुए।
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा, जहां चार लोग जख्मी हुए, जबकि बुर्ज अल अरब होटल की बाहरी दीवार पर आग लग गई और पाम जुमेराह के पास एक और होटल में ब्लास्ट से अफरा-तफरी मच गई।
अबू धाबी में अल धफ्रा एयर बेस पर हमले से मामूली स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ, लेकिन इंटरसेप्टेड ड्रोन के टुकड़ों से एक पाकिस्तानी शख्स की मौत हो गई और सात अन्य जख्मी हुए, जबकि कॉर्निश और बातीन जैसे जिलों में धमाकों से धुआं फैल गया। कुल मिलाकर यूएई में तीन से चार मौतें और 58 से ज्यादा लोग जख्मी बताए जा रहे हैं, साथ ही 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन दागे गए जिनमें से ज्यादातर को डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया लेकिन गिरते पार्ट्स से बड़ा नुकसान हुआ।
कतर में भी ईरान के हमलों से दोहा में धुआं उठता नजर आया, जहां 65 मिसाइलें और 12 ड्रोन गिराए गए, जिससे 16 लोग जख्मी हुए और कुछ मोहल्लों में आग लगी।
सऊदी अरब पर शुरुआत में कम अटैक्स हुए, सिर्फ दो हमले रियाद और ईस्टर्न रीजन पर, लेकिन बाद में ऑयल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया, बताया गया, जिससे एनर्जी सेक्टर को झटका लगा और ग्लोबल इकोनॉमी पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई।
कुवैत में 97 मिसाइलें और 283 ड्रोन दागे गए, जिनमें से कई को रोक लिया गया लेकिन एक मौत और 30 से ज्यादा जख्मी हुए, साथ ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा।
बहरीन में अमेरिकी 5th फ्लीट हेडक्वार्टर पर मिसाइल गिराई गई, जिससे मनामा और मुहर्रक में तीन बिल्डिंग्स को डैमेज हुआ और 45 मिसाइलें व नौ ड्रोन शूट डाउन किए गए। ओमान में पांच लोग जख्मी हुए, जहां दुकम पोर्ट और एक ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया।
कुल मिलाकर गल्फ में अब तक चार मौतें और 100 से ज्यादा जख्मी रिपोर्ट हुए हैं, लेकिन असली नुकसान टूरिज्म और बिजनेस हब की इमेज को पहुंचा है, जहां लग्जरी होटल्स, शॉपिंग मॉल्स और एयरपोर्ट्स जैसे स्पॉट्स हिट हुए।
ईरान ने 400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 के करीब ड्रोन दागे हैं, जिससे ऑयल प्रोडक्शन ऑफलाइन हुआ और एनर्जी प्राइसेस में उछाल आ सकता है। ये हमले अमेरिकी बेसेज पर फोकस थे लेकिन सिविलियन साइट्स भी चपेट में आईं, जिससे रीजन की स्टेबिलिटी पर सवाल उठे हैं और मुल्कों को अपनी डिफेंस पर दुबारा सोचने के लिए मजबूर किया है।

