(रईस खान)
भारतीय एविएशन सेक्टर में एक नया नाम जुड़ने जा रहा है। केरल के कोझिकोड (कालीकट) से शुरू हुए अलहिंद ग्रुप ऑफ कंपनीज की नई एयरलाइन अलहिंद एयर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिल चुका है। डीएनए इंडिया में 25 दिसंबर 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह एयरलाइन 2025 के अंत तक अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है।
अलहिंद ग्रुप ट्रैवल इंडस्ट्री का मजबूत खिलाड़ी है
अलहिंद ग्रुप की स्थापना वर्ष 1990 में केरल के कोझिकोड में हुई थी। बीते तीन दशकों में यह ग्रुप ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नाम बन चुका है। टिकट बुकिंग, होटल रिजर्वेशन, टूर पैकेज, वीज़ा सेवाएं, यानी ट्रैवल से जुड़ी हर सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना इसकी पहचान है। ग्रुप की मौजूदगी भारत के अलावा यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और बांग्लादेश जैसे देशों में भी है, जहां यह खासतौर पर मिडिल ईस्ट और एशिया के यात्रियों को सेवाएं देता है।
प्रमोटर मोहम्मद हारिस टी
अलहिंद एयर के प्रमोटर और अलहिंद ग्रुप के संस्थापक मोहम्मद हारिस टी हैं। वे ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही वे इंडियन हज उमरा एसोसिएशन के फाउंडर जनरल सेक्रेटरी भी हैं और वर्षों से हज व उमरा यात्राओं के आयोजन से जुड़े रहे हैं।
शिक्षा की बात करें तो उन्होंने इतिहास और अर्थशास्त्र में स्नातक किया है, साथ ही फार्माकोलॉजी की पढ़ाई भी की है। उनका विज़न खासतौर पर दक्षिण भारत के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने पर केंद्रित है।
कैसी होगी अलहिंद एयर की उड़ान?
अलहिंद एयर एक रीजनल कम्यूटर एयरलाइन होगी, जो छोटे और मझोले रूट्स पर उड़ानें संचालित करेगी। शुरुआती दौर में एयरलाइन ATR 72-600 मॉडल के विमानों से शुरुआत करेगी, जिनमें 70 से 80 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। ये विमान कम दूरी की उड़ानों के लिए किफायती और भरोसेमंद माने जाते हैं।
रूट और बेस
एयरलाइन का मुख्य बेस कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। शुरुआत में यह दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों, जैसे कोझिकोड, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, मैसूर, कोयंबटूर आदि को जोड़ने पर ध्यान देगी।
सरकार की UDAN योजना के तहत अनसर्व्ड और अंडरसर्व्ड एयरपोर्ट्स को कवर करने की योजना है, ताकि छोटे शहरों में हवाई सफर सस्ता और सुलभ बन सके। भविष्य में मिडिल ईस्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय रूट्स जोड़ने की भी तैयारी है।
आगे की राह
NOC मिलने के बाद अब एयरलाइन को एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट हासिल करना है। इसके लिए सुरक्षा जांच, पायलट और स्टाफ ट्रेनिंग तथा विभिन्न ऑडिट प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इंडस्ट्री में पहले से इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइंस का दबदबा है, लेकिन अलहिंद एयर के आने से क्षेत्रीय उड़ानों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
उम्मीदों की नई उड़ान
कुल मिलाकर, अलहिंद एयर को केरल के एक स्थानीय उद्यमी की मेहनत और दूरदर्शिता से जन्मी एक उम्मीद भरी पहल के रूप में देखा जा रहा है। अगर योजनाएं ज़मीन पर उतरीं, तो यह एयरलाइन छोटे शहरों के यात्रियों के लिए हवाई सफर को आसान और किफायती बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

