(रईस खान)
मौलाना हसरत मोहानी वेलफेयर अकैडमी, उन्नाव द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी, शायर और समाज सुधारक मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती के अवसर पर आज एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मौलाना हसरत मोहानी पुस्तकालय, धवन रोड, उन्नाव में बड़ी धूमधाम और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च न्यायालय खंडपीठ, लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता, यश भारती सम्मान से सम्मानित तथा प्रख्यात समाजसेवी फारूक अहमद एडवोकेट उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में जनपद के अनेक बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मौलाना हसरत मोहानी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में मौलाना हसरत मोहानी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, उनके निर्भीक विचारों, उर्दू-हिंदी साहित्य में अमूल्य योगदान तथा सामाजिक समानता और शिक्षा के प्रति उनके संघर्ष को विस्तार से रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि फारूक अहमद एडवोकेट ने कहा कि मौलाना हसरत मोहानी केवल एक शायर या स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे ऐसे विचारक थे जिन्होंने आज़ादी, सामाजिक न्याय और मानव गरिमा के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने युवाओं से मौलाना हसरत मोहानी के विचारों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि “इंक़लाब ज़िंदाबाद” जैसे नारे को जन-जन तक पहुंचाने वाले मौलाना हसरत मोहानी का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में थे।समारोह के दौरान साहित्यिक प्रस्तुतियाँ, विचार गोष्ठी तथा मौलाना हसरत मोहानी के जीवन पर प्रकाश डालती चर्चाएं भी आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के अंत में अकैडमी के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, छात्र-छात्राएं और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम एक ऐतिहासिक और स्मरणीय आयोजन बन गया।

