पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला, सच्चाई क्या है?

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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जब विपक्ष के नेता और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके काफिले पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। घटना 10 जनवरी 2026 की शाम करीब 8:20 बजे पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना रोड पर हुई, जब अधिकारी पुरुलिया से एक राजनीतिक कार्यक्रम से लौट रहे थे।

अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि टीएमसी के “गुंडों” ने उनके काफिले को रोककर बांस की लाठियों से हमला किया। वे बुलेटप्रूफ कार में सवार थे, इसलिए कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन हमले से वाहनों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने पुलिस पर “मूक दर्शक” बनने का आरोप लगाया और कहा कि यह हमला ममता बनर्जी सरकार की “हिंसा की संस्कृति” का नतीजा है।

घटना के बाद, अधिकारी ने चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में धरना दिया और हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। शुरुआत में पुलिस ने ईडी एफआईआर दर्ज करने में देरी की, लेकिन बाद में शिकायत दर्ज की गई और जांच शुरू हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें कोलकाता और अन्य जिलों में सड़कों पर उतरकर टीएमसी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारी से फोन पर बात की और घटना की जानकारी ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिकारी के कार्यालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता भी सुरक्षित नहीं हैं। यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।” उन्होंने संदेशखाली की घटना का जिक्र करते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया।

दूसरी ओर, टीएमसी ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि यह भाजपा की “राजनीतिक साजिश” है। टीएमसी प्रवक्ताओं का दावा है कि अधिकारी की अपनी सुरक्षा टीम ने गलती से भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, या यह जनता की नाराजगी का नतीजा था। उन्होंने कहा कि टीएमसी किसी हिंसा में शामिल नहीं है और जांच से सच्चाई सामने आएगी।

यह घटना पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच बढ़ते टकराव का हिस्सा मानी जा रही है, खासकर 2026 विधानसभा चुनाव से पहले। अधिकारी, जो पहले टीएमसी में थे और 2020 में भाजपा में शामिल हुए, अक्सर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमलावर रहते हैं। राज्य पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

~क़ौमी फरमान डिजिटल मीडिया नेटवर्क

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