(रईस खान)
राजस्थान के 10वीं बोर्ड के रिजल्ट में एक बेटी ऐंजल खान ने 95.50% अंक लाकर इतिहास रच दिया। पांच और बेटियों अक्सा खान, सोफिया बानो, पायल कुमारी, रुकिया बानो और फरीन ने भी 90% से ऊपर मार्क्स हासिल किए।
गांव के भामाशाह और युवा समाजसेवी आदिल खान जी ने इस कामयाबी पर बेटियों को खूब सराहा। उन्होंने ऐंजल खान को मारुति स्विफ्ट कार भेंट की। बाकी पांच बेटियों को एक-एक लाख रुपये नगद इनाम दिए।
ये इनाम सिर्फ नंबरों का नहीं था। ये उन मांओं की रातों की जागी, उन बापों की मेहनत का और सरकारी स्कूल के गुरुजनों के समर्पण का सम्मान था। आदिल खान जी ने कहा कि सरकारी स्कूल की बेटियां भी हीरे हैं। इन्हें हौसला चाहिए तो ये कुछ भी कर दिखाती हैं।
रोल साहबसर के इस प्रतिभा सम्मान समारोह में पूरा गांव खुश था। मां-बाप आंखों में आंसू और सीने में फख्र लेकर खड़े थे। बच्चे अब किताबों के साथ और ज्यादा जुनून से जुड़ गए हैं।
आदिल खान जी ने सिर्फ पांच-छह घरों को नहीं, पूरे इलाके के हर बच्चे के दिल में उम्मीद जगा दी। उन्होंने हर मां-बाप को यकीन दिलाया कि बेटी पर भरोसा कभी बेकार नहीं जाता।
ये पहल राजस्थान के लिए मिसाल बन गई है। जब बेटियां पढ़ेंगी, तभी गांव-देश आगे बढ़ेगा। आदिल खान जी जैसी सोच हर गांव में होनी चाहिए।

